
आशुतोष ठाकुर, मुंगेली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में लोरमी मंडल में आयोजित विजयादशमी उत्सव एवं पथ संचलन कार्यक्रम में देशभक्ति और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला। घोष की ताल पर कदमताल करते स्वयंसेवकों के साथ नगर भारत माता के जयकारों से गूंज उठा।

कार्यक्रम में अध्यक्ष के रूप में खेमू दास ढिंढे एवं मुख्य वक्ता के रूप में प्रांत कार्यवाह चंद्रशेखर देवांगन उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 0 से 100 वर्षों का सफर अनेक चुनौतियों के बीच तय किया, कई बार प्रतिबंध झेले, परंतु ध्येय और राष्ट्रभावना से कभी विचलित नहीं हुआ।

उन्होंने समाज में चल रहे ‘पंच परिवर्तन’ कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, स्व का बोध, नागरिक कर्तव्य जैसे विषयों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर प्रांत कार्यवाह ने बताया कि शताब्दी वर्ष में संघ द्वारा सात प्रमुख कार्यक्रम तय किए गए हैं विजयादशमी उत्सव एवं पथ संचलन, गृह संपर्क अभियान, हिंदू सम्मेलन, युवा सम्मेलन, सामाजिक सद्भाव बैठक, प्रमुख जन गोष्ठी और अधिकतम स्थानों पर शाखा विस्तार।

इस दौरान तीन दिशा महामाया मंदिर, रेस्ट हाउस और रानीगांव अटल परिसर से प्रारंभ हुआ पथ संचलन नगर के नौलखा चौक पर संगम हुआ और कबीर भवन तक पहुंचा। जहां कार्यक्रम का समापन हुआ।

नगरवासियों ने पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ स्वयंसेवकों का स्वागत किया। कार्यक्रम में नगर, ग्राम, खंड, जिला और विभाग स्तर के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में स्वयंसेवक, माताएं-बहनें और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस बीच सभी समाजों का सहयोग इस कार्यक्रम की सफलता में अहम रहा।




