
आशुतोष ठाकुर, रायपुर. पत्रकार सुरक्षा को लेकर ऐतिहासिक फैसला न्यायधानी में हुआ है। इसके तहत अब बिलासपुर जिले में प्रेस क्लब के सदस्य पत्रकारों के खिलाफ बिना जांच कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। एसएसपी रजनेश सिंह ने इस संबंध में आधिकारिक सर्कुलर जारी किया है। निर्णय के अनुसार, अगर किसी पत्रकार के खिलाफ कोई गंभीर शिकायत मिलती है, तो एफआईआर से पहले डीएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में जांच टीम गठित की जाएगी। इस जांच टीम में बिलासपुर प्रेस क्लब की कार्यकारिणी से नामित एक सदस्य भी शामिल होगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

प्रेस क्लब की पहल पर प्रशासन ने लिया ऐतिहासिक फैसला
यह निर्णय शुक्रवार को तब लिया गया जब बिलासपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित अध्यक्ष दिलीप यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह से सौजन्य मुलाकात की। अध्यक्ष दिलीप यादव और सचिव संदीप करिहार ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र की आवाज़ हैं। बिना जांच किसी पत्रकार को अपराधी मानना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि क्लब निष्पक्ष जांच में पूरा सहयोग करेगा, लेकिन अगर कोई पत्रकार दोषी पाया जाता है तो प्रेस क्लब स्वयं सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई करेगा।

एसएसपी रजनेश सिंह ने प्रेस क्लब की पहल का स्वागत किया और भरोसा दिलाया कि पुलिस किसी भी पत्रकार के साथ दुर्भावनापूर्ण व्यवहार नहीं करेगी, जबकि कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा पत्रकार समाज लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ हैं, प्रशासन उनकी हरसंभव मदद करेगा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पत्रकार जिया उल्ला खान पर हुए जानलेवा हमले का मुद्दा भी उठाया। प्रशासन ने हमलावरों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। बैठक में प्रेस क्लब के अध्यक्ष दिलीप यादव, उपाध्यक्ष गोपीनाथ डे, सचिव संदीप करिहार, कोषाध्यक्ष लोकेश वाघमारे समेत वरिष्ठ पत्रकारों की बड़ी संख्या मौजूद रही। यह निर्णय न सिर्फ बिलासपुर, बल्कि पूरे प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा के लिए एक मिसाल बन सकता है।



